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जानिए कैसे मिक्सर्स बनाते हैं खाना स्वादिष्ट और पकाने में आसान

  • 13 October

Mixer Grinder Mixer Grinder

शहरों से लेकर गांव तक या फिर कहें कि घरघर मिक्सर का इस्तेमाल किया जाने लगा है। विद्युत द्वारा संचालित होने वाले मिक्सर्स आज के आधुनिक रसोईघर का अभिन्न अंग बन गया है। सीधे तौर पर कहें तो अब मिक्सर तकरीबन हर घर की जरूरत बन चुका है। इसके बिना हमारा किचन अधूरा लगता है। किचन के अन्य उपकरणों की ही तरह इस यंत्र ने भी हमारे जीवन को बहुत ही आसान कर दिया है।  

सबसे मुख्य बात ये है कि मसाला पीसना तो हर किसी के डेली रूटीन में शामिल होता है। लेकिन मिक्सर ग्राइंडर आने के पहले यह काम बहुत बोझिल लगता था। पहले के समय में यानी नानीदादी के जमाने में मसाले सिल बट्टे पर हाथों से ही पीसे जाते थे। उनके मुंह से हम सबने सुना भी है कि उन दिनों खाना बनाने में कितनी मेहनत और कितना समय लगता था। खासकर मसाला पीसने के दौरान मिर्च पीसने पर उनके हाथों में जलन होने लगती थी।  

 

मिनटों में करता है काम  

आज के ज़माने में मिक्सर ग्राइंडर  के कारण कितनी सहूलियत हो गई  है और हमें इस तरह की तकलीफ नहीं उठानी पड़ती है। अभी मसाला पीसने का काम चुटकियों में होजाता है। क्रौम्पटन  के ऐमेओ मिक्सर ग्राइंडर की मैक्सी ग्राइंड टेटक्नोलाॅजी मसाले पिसने का काम बहुत आसान बना देती है। साथ ही इससे हमारे समय की मिक्सर ग्राइंडर का उपयोग भी बहुत बचत होती है। अभी तो लगभग हर काम इसीके ज़रिए होते हैं। किचन का काम मिक्सर ग्राइंडर के बिना निपटाना मानों एक सपने जैसा लगता है।बस यही कारण है कि मिक्सर ग्राइंडर का उपयोग किचन में सबसे ज्यादा होता है।  

 

तरल से लेकर सूखा तक पीसना आसान


मिक्सर ग्राइंडर का उपयोग मसाले पीसने से लेकर फलों का रस निकालने, सलाद बनाने, आटा गूंथने, कच्चे या भुने हुए अनाज को पीसने, तरल को मिलाने, कॉफी के बीजों को पीसने या पाउडर बनाने, चटनी ठंडी लस्सी बनाने, फलों और सब्जियों का जूस निकालने तक के लिए किया जाता है। इन तमाम कार्यों को यह मशीन बड़ी आसानी से और मिनटों में कर देता है।  

 

बच्चों के लिए बनाए तरहतरह के व्यंजन

अगर आपके घर में बच्चे हैं तो मिक्सर का इस्तेमाल बहुत ज़रूरी है। क्योंकि बच्चे अलगअलग किस्म का खाना खाना पसंद करते हैं। मिक्सर ग्राइंडर का उपयोग करके विभिन्न तरह के व्यंजन बनाना आपके लिए बहुत ही आसान हो जाता है। बाज़ार में विभिन्न तरह के मिक्सर्स उपलब्ध हैं। आप अपनी पसंद के हिसाब से इसे खरीद सकते हैं। अब जब मिक्सर आपकी तमाम जरूरतों को मिनटों में पूरी करने के लिए तैयार रहता है तो, फिर आपकी भी तो जिम्मेवारी बनती है कि इसे संभाल कर रखें।   

 

रिपेरिंग देखभाल 

अगर वारंटी पीरियड में मिक्सर में किसी तरह की खराबी आती है तो इसे सर्विस सेंटर ले जा सकते हैं। साथ ही इसके मैकेनिक भी हर जगह बड़ी आसानी से मिंल जाते हैं। वैसे इस्तेमाल के लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखा जाए तो इसमें खराबी नहीं आएगी।  

 

मिक्सर्स की देखभाल के लिए अपनाएं ये 10 टिप्स  


1. सबसे पहले तो मिक्सर ग्राइंडर का उपयोग करते समय इस बात का ध्यान रखें कि कभी भी इसकी शुरुआत फ़़ुलस्पीड से ना करें और ना ही बंद करते समय इसे फ़़ुलस्पीड में बंद करें। 

2. फ़ुलस्पीड में शुरुआत करने और बंद करने से इसकी मशीन पर अधिक ज़ोर पड़ता है, जिससे इसके खराब होने की संभावना बढ़ जाती है।  

3. मिक्सर ग्राइंडर का उपयोग करने से पहले जार को सही से लॉक करना मत भूलें, नहीं तो इसके ब्लेड टूट सकते हैं।

4. याद रखें कि मिक्सर ग्राइंडर को कभी भी एक बार में सिर्फ 10 से 15 मिनट तक ही चलाएं। अधिक चीजें पीसने के लिए थोड़ेथोड़े अंतराल पर पीसना ठीक रहता है।

5.  इसके ब्लेड को हमेशा साफ रखें। ब्लेड को साफ रखने के लिए कोई भी गीली चीज पीसने के बाद एक बार जार में पानी डालकर ज़रूर चलाएं। इससे जार के ब्लेड में फंसी चीजें आसानी से साफ हो जाएंगे।

6. एक ज़रूरी बात ये है कि कभी भी बहुत गर्म चीज़ इसमें ना पीसें। ऐसा करने से भी मिक्सर जल्दी खराब हो जाते हैं। इसलिए हमेशा किसी भी चीज़ को पूरी तरह ठंडा होने के बाद ही पीसें।  

7. किसी भी चीज़ को पीसने के तुरंत बाद ही मिक्सर्स को अच्छी तरह साफ कर लें।

8. लंबे समय तक बेहतर सर्विस देने के लिए हमेशा ही मिक्सर्स को धीमा, मध्यम, तेज़। इसके बाद फिर तेज़ से मध्यम, मध्यम से धीमा और धीमा से बंद करने के क्रम में ही चलाना उचित है।

9. एक बात का ख्याल रखें कि मिक्सर्स के जार को कभी भी पूरा ना भरें बल्कि इसमें पीसने वाली चीजों को आधी तक ही रखें। इसका कारण है कि ज्यादा भरे हुए जार को चलाने पर मिक्सर्स के मशीन पर दबाव पड़ता है, जिससे मशीन खराब हो सकती है। साथ ही पीसने वाली चीज़ भी ठीक तरह से नहीं पिसती।

10. मिक्सर्स चलाते समय हमेशा याद रखें कि अपना हाथ जार के ढ़क्कन पर रखते हुए हल्का दबाव बनाए रखें। इस तरह पीसने से उसमें रखी चीजें बाहर नहीं निकलेंगी और मशीन को भी कोई नुकसान नहीं होगा।

11. पीसने के बाद स्विच ऑफ करके मिक्सर्स का प्लग निकाल दें। ऐसा नहीं करने पर इसमें लगातार करंट प्रवाहित होता रहेगा, इससे मशीन के खराब होने की संभावना रहती है।   

 

क्षमता  

भारतीय बाज़ारों में हर पावर के मिक्सर्स उपलब्ध हैं। इसकी क्षमता 150 से 1000 वाट तक की होती है लेकिन कम क्षमता वाले उपकरण ज्यादा अच्छे नहीं होते। जबकि 750 क्षमता वाले मिक्सर्स का प्रदर्शन अच्छा रहता है। मिक्सर्स के साथ आने वाले जार भी अलगअलग क्षमता के होते हैं, जिसे आप अपनी आवश्यकतानुसार उपयोग में ला सकते हैं।   

 

विद्युत की खपत 

वैसे तो मिक्सर्स अधिक वाट वाले होते हैं लेकिन इसमें बिजली की अधिक खपत नहीं होती। मिक्सर का काम तो कुछ मिनटों का ही होता है इसीलिए इसमें बिजली की खपत कम है। तभी तो अधिक वाट वाले मिक्सर्स की मांग ज्यादा रहती है।   

इस प्रकार हम देखते हैं कि मिक्सर ग्राइंडर रसोई में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इतना ही नहीं, इससे खाना पकाने की प्रक्रिया में कई प्रकार की चीजें मिक्स करने और पीसने का काम आसान हो जाता है। ज़ाहिर है आप खाना बनाने के समय रिलैक्स रहते हैं और पूरी प्रक्रिया को एन्जॉय करते हैं। इसके रहने से आप तरहतरह के व्यंजन का आनंद ले सकते हैं।